होम 321 सीढ़ियां चढ़कर महर्षि वाल्मीकि की कुटिया में पहुंचे योगी आदित्यनाथ
321 सीढ़ियां चढ़कर महर्षि वाल्मीकि की कुटिया में पहुंचे योगी आदित्यनाथ
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ धर्म नगरी चित्रकूट पहुंचे जहां पर महर्षि वाल्मीकि की जयंती के अवसर पर उन्होंने लालापुर में बाल्मीकि आश्रम पहुंचकर उनके जयंती कार्यक्रम में शिरकत किया और उनकी प्रतिमा पर माला अर्पित कर श्रद्धा सुमन अर्पित किया।
इसके साथ ही गौ रक्षक हवन पूजन किया और आसावरी माता में उनकी आरती कर पूजा अर्चना की मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ धनगरी चित्रकूट पहुंच गए थे जहां पर हेलीपैड से उतरने के बाद तुरंत बाल्मीकि आश्रम में पहुंचे और और 321 से ज्यादा सीढ़ियां चढ़कर पहाड़ी के ऊपर उनके कुटिया में पहुंचे और उनकी जयंती के कार्यक्रम में शामिल हुए।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूजा-अर्चना के बाद एक छोटी सी जनसभा को संबोधित किया जिसमें उन्होंने महर्षि बाल्मीकि व राष्ट्र ऋषि नानाजी देशमुख की जयंती की लोगों को शुभकामनाएं देते हुए लोगों को बधाई दी उन्होंने लोगों को संबोधित करते हुए कहा है कि रामायण कालीन आदि कवि महर्षि वाल्मीकि जी को व राष्ट्र ऋषि नाना जी देशमुख की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करता हूँ, महर्षि बाल्मीकि का ही आधुनिक स्वरूप है हमारे इस कार्य खंड के पूज्य श्री तुलसीदास जी जिन्होंने रामचरितमानस के माध्यम से मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम की कथाओं को हर घर तक पहुंचाने का काम किया।
हमारी सनातनता को कुछ लोग सेकुलरिज्म के नाम पर प्रश्न खड़ा करते हैं लेकिन सनातन धर्म के मूल्य के बारे में भी महर्षि वाल्मीकि ने कहा है। कौन है सनातन ?यानी सनातन धर्म के उन मूल्यों के बारे में उस कालखंड में हजारों वर्ष पूर्व ही इसी धरती पर अपनी साधना स्थली को बनाने वाले महर्षि वाल्मीकि ने सनातन धर्म को इस रूप में हम सबके सामने प्रस्तुत किया और ऐसे पूज्य ऋषि के जयंती के कार्यक्रम में वाल्मीकि रामायण के पाठ का शुभारंभ करने का इस पावन धरती से उनके दर्शन कर सौभाग्य प्राप्त हुआ, 2014 में प्रधानमंत्री जी ने सबका साथ सबका विकास का मूल मंत्र दिया।
आज हर गरीब को शौचालय राशन कार्ड मिल रहा है इसलिए माननीय प्रधानमंत्री जी का मूल मंत्र है सबका साथ सबका विकास, 500 वर्षों में सबसे सौभाग्य वाली पीढ़ी हमारी है कि हमने हमारी आंखों के सामने हमारे राम का भव्य मंदिर निर्माण का कार्य प्रारंभ होते हुए देखा, कोरोनावायरस तो हर एक गांव का एक एक व्यक्ति अयोध्या पहुंचाने का कार्य जरूर करते।
हमारा प्रयास होगा कि कोरोना के खत्म होते ही उत्तर प्रदेश के हर गांव से कुछ ना कुछ लोगों को लेकर जाएंगे राम जन्म स्थली का दर्शन भी कराएंगे, आप ने भाजपा को समर्थन दिया तो हमने बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे दिया, कुछ ही दिन में फिर आने वाला हूं बांदा चित्रकूट के पेयजल योजना घर-घर तक पहुंचाने का कार्य का शुभारंभ करूंगा, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने अपने कमांडर अभिनंदन को छुड़ाने के लिए पाकिस्तान से दो टूक में बात ही तो उस समय वँहा के प्रधानमंत्री और आर्मी के जनरल थरथरा के कांप रहे थे और उनके चेहरे में पसीने के बूंदे टपक रही थी कि कही भारत हमला न कर दे वही तोफे आपके चित्रकूट में भी बनेगा।
चित्रकूट महर्षि बाल्मीकि और तुलसीदास जी के तपोस्थली लिए तो जाना ही जाता है राम नाम का कीर्तन एक तरफ उद्धार का कार्य करेगा और दूसरी तरफ देश के अंदर तोप के साथ गलत कर के दुश्मन के साथ दांत खट्टे करने का काम करेगा।
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