होम उमर अब्दुल्ला बोले-बाहरी लोगों को जम्मू-कश्मीर में जमीन खरीदने की अनुमति स्वीकार नहीं
उमर अब्दुल्ला बोले-बाहरी लोगों को जम्मू-कश्मीर में जमीन खरीदने की अनुमति स्वीकार नहीं
उमर अब्दुल्ला बोले-बाहरी लोगों को जम्मू-कश्मीर में जमीन खरीदने की अनुमति स्वीकार नहीं
घाटी में भूमि अधिकार को लेकर किए गए कानून संशोधन को लेकर जम्मू- कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला समेत कई नेताओं ने केंद्र के कानून संशोधन के कदम का कड़ा विरोध किया है.
जम्मू-कश्मीर में केंद्र सरकार ने कई कानूनों में संशोधन किया है. घाटी में भूमि अधिकार को लेकर किए गए कानून संशोधन को लेकर जम्मू- कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला समेत कई नेताओं ने केंद्र के कानून संशोधन के कदम का कड़ा विरोध किया है.
उमर अब्दुल्ला ने ट्वीट कर कहा कि जम्मू-कश्मीर में जमीन के मालिकाना हक के कानून में जो बदलाव किए गए हैं, वो स्वीकार करने लायक नहीं हैं.
अब तो बिना खेती वाली जमीन के लिए स्थानीयता का सबूत भी नहीं देना है.अब जम्मू-कश्मीर बिक्री के लिए तैयार है, जो गरीब जमीन का मालिक है अब उसे और मुश्किलें होंगी.
इस कानून के खिलाफ एकजुट होकर लड़ने की जरूरत
पूर्व मुख्यमंत्री व पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने भी ट्वीट कर बीजेपी पर हमला बोला है. मुफ्ती ने ट्वीट कर कहा,'लोगों को रोटी और रोजगार प्रदान करने में सभी मोर्चों पर विफल होने के बाद, भाजपा मतदाताओं की भूख को कम करने के लिए ऐसे कानून बना रही है. इस तरह के कानून के विरोध में जम्मू-कश्मीर के सभी तीन प्रांतों के लोगों को एकजुट होकर लड़ने की जरूरत है.'
संविधान के अनुच्छेद 370 और 35ए के निरस्त होने के एक साल बाद केंद्र सरकार ने कई कानूनों में संशोधन करके जम्मू-कश्मीर के बाहर के लोगों के लिए केंद्र शासित प्रदेश में जमीन खरीदने का रास्ता खोल दिया है.
गौरतलब है कि पिछले साल अगस्त में अनुच्छेद 370 और अनुच्छेद 35-ए को निरस्त करने से पहले, गैर-निवासी जम्मू-कश्मीर में कोई अचल संपत्ति नहीं खरीद सकते थे.
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