होम आखिर किस बात से नाराज हैं वसुंधरा राजे, BJP विधायक दल की बैठक कल
आखिर किस बात से नाराज हैं वसुंधरा राजे, BJP विधायक दल की बैठक कल
राजस्थान में कांग्रेस के अंदर सियासी तूफान के बीच सचिन पायलट तो कांग्रेस की मुख्यधारा में वापस लौट आए लेकिन इसमें अहम किरदार रहीं वसुंधरा राजे के लिए बीजेपी की मुख्यधारा में वापसी आसान नहीं दिख रही. जिस तरह से पूरे घटनाक्रम में वसुंधरा समर्थकों ने बीजेपी हाईकमान के खिलाफ बगावत की है और वसुंधरा समर्थक कैलाश मेघवाल ने अशोक गहलोत के समर्थन में बयान दिया है उसके बाद वसुंधरा राजे के लिए मोदी शाह के यहां एंट्री मुश्किल हो गई है.
जिस तरह से सचिन पायलट ने अपनी बात नहीं सुने जाने की बात कह कर कांग्रेस आलाकमान का दरवाजा खटखटाया और आश्वासन पर एंट्री की है. उसी तरह से कहा जा रहा है कि वसुंधरा राजे ने भी प्लान किया है कि अपने समर्थकों के बगावत को राज्य कार्यकारिणी में जगह नहीं मिलने से जोड़कर रखा जाए.
कार्यकारिणी को लेकर नाराज नहीं!
बीजेपी के राज्य कार्यकारिणी की घोषणा हुए करीब 13 दिन हो गए हैं. 12 जुलाई को कांग्रेस का सियासी घटनाक्रम शुरू हुआ था और तब से वसुंधरा राजे चुप्पी साधे हुई थीं. ऐसे में यह बात गले नहीं उतरती कि 31 जुलाई की रात घोषित हुई राज्य कार्यकारिणी के नाम पर वह नाराज थीं.
मगर इस बीच कहा जा रहा है कि वसुंधरा राजे पार्टी के राज्य नेतृत्व से इस बात से नाराज हैं कि उनके समर्थकों को सही जगह नहीं मिली है. यह बात भी सामने आई कि जयपुर की पूर्व राजकुमारी दिया सिंह और संघ से जुड़े विधायक मदन दिलावर को बीजेपी की कार्यकारिणी में शामिल किए जाने पर वसुंधरा खफा हैं.
जिस अजय पाल सिंह ने अशोक गहलोत से शिकायत की थी कि वसुंधरा राजे ने उनके बंगले पर कब्जा कर लिया है उस अजय पाल सिंह को बीजेपी के राज्य कार्यकारिणी में शामिल करना भी वसुंधरा को पसंद नहीं आया है.
प्रदेश नेतृत्व इज्जत नहीं करता
वसुंधरा राजे के बारे में यह भी कहा गया कि मौजूदा प्रदेश नेतृत्व के खिलाफ शिकायत की है कि वह उनकी इज्जत नहीं करते हैं और अनदेखी करते हैं. वसुंधरा राजे ने पहले जेपी नड्डा से मुलाकात की मगर बात नहीं बनी तो राजनाथ सिंह से भी मिलकर आईं.
वसुंधरा समर्थकों की ओर से कहा गया कि वे दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिल कर आएंगी लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र से वसुंधरा की मुलाकात नहीं हो पाई.
माना जा रहा है कि जिस तरह से वसुंधरा राजे ने कांग्रेस के सियासी घटनाक्रम पर अपना रवैया अपनाया, उसे देखते हुए हाईकमान पूरी तरह से नाराज है. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से लेकर कांग्रेस के हर नेता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह से लेकर बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और उनके नेताओं पर आरोप लगाया मगर वसुंधरा राजे ने कांग्रेस को पलट कर जवाब तक नहीं दिया.
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