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Alert Star Digital Team Aug 6, 2020 11:38 PM

राम मंदिर शिलान्यास के बाद अब मथुरा में कृष्ण जन्मभूमि ट्रस्ट स्थापित

राम मंदिर शिलान्यास के बाद अब मथुरा में कृष्ण जन्मभूमि ट्रस्ट स्थापित

राम मंदिर शिलान्यास के बाद अब मथुरा में कृष्ण जन्मभूमि ट्रस्ट स्थापित

अयोध्या में भूमि पूजन के साथ भव्य राम मंदिर के निर्माण का रास्ता साफ होने के साथ अब मथुरा में श्री कृष्ण जन्मभूमि निर्माण न्यास की स्थापना 14 राज्यों के 80 संतों के साथ की गई है. ट्रस्ट के प्रमुख आचार्य देवमुरारी बापू ने कहा, हमने 23 जुलाई को 'हरियाली तीज' के अवसर पर न्यास का पंजीकरण कराया वृंदावन से 11 संत आए, जो ट्रस्ट का हिस्सा हैं. आचार्य ने आगे कहा कि कृष्ण जन्मभूमि की आजादी के लिए अन्य संतों साधुओं को जोड़ने के लिए जल्द ही एक हस्ताक्षर अभियान शुरू किया जाएगा.

उन्होंने कहा, हस्ताक्षर अभियान के बाद, हम इस मुद्दे पर एक राष्ट्रव्यापी आंदोलन शुरू करेंगे. हमने फरवरी में अभियान शुरू किया था, लेकिन हम लॉकडाउन के कारण इसे आगे नहीं बढ़ा सके. कृष्ण जन्मभूमि के लिए मुख्य विवाद शाही ईदगाह है जो मथुरा में कृष्ण जन्मभूमि मंदिर के निकट स्थित है. ट्रस्ट पहले से ही मस्जिद के बगल में साढ़े चार एकड़ भूमि पर दावा कर रहा है चाहता है कि इसे मंदिर के अधिकारियों द्वारा आयोजित धार्मिक सांस्कृतिक कार्यों के लिए 'रंग मंच' के रूप में उपयोग किया जाए.

विहिप का दावा मथुरा काशी उसके एजेंडे में
1992 में बाबरी मस्जिद के विध्वंस के बाद से विश्व हिंदू परिषद (विहिप) दावा करती रही है कि मथुरा में कृष्ण जन्मभूमि वाराणसी में काशी विश्वनाथ मंदिर की 'आजादी' उसके एजेंडे में है. हालांकि, उपासना स्थल (विशेष प्रावधान) अधिनियम, 1991, जो तत्कालीन नरसिम्हा राव सरकार द्वारा पारित किया गया था, धार्मिक स्थलों जैसे चचरें, मस्जिदों मंदिरों को अलग धर्म के धार्मिक स्थल में बदलने पर रोक लगाता है.

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