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अमेरिका से टेंशन के बीच न्यूक्लियर ब्रीफकेस लेकर चीन में क्यों घूम रहे पुतिन?
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन इन दिनों चीन दौरे पर हैं। रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद पहली बार पुतिन किसी विदेशी दौरे पर गए हैं। यहां तक कि वे पिछले महीने भारत में हुई जी-20 समिट में भी शामिल नहीं हुए थे।
चीन दौरे पर पुतिन की सुरक्षा का काफी ध्यान रखा जा रहा है। एक बार फिर से पुतिन कथित न्यूक्लियर ब्रीफकेस के साथ देखे गए हैं। चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात खत्म होने के बाद पुतिन का वीडियो सामने आया है, जहां पर उनके सिक्योरिटी गार्ड्स के हाथ में न्यूक्यिलर ब्रीफकेस है। अमेरिका से चल रहे तनाव के बीच यह दिखने के बाद हड़कंप मच गया है कि आखिर पुतिन परमाणु हमले वाले ब्रीफकेस को अपने साथ लेकर क्यों घूम रहे? कहीं वे आर-पार के मूड में तो नहीं हैं?
जिनपिंग के साथ अपनी बैठक के बाद, जैसे ही पुतिन दूसरी बैठक के लिए चले, उन्हें सुरक्षा अधिकारियों ने घेर लिया और उनके पीछे वर्दी में दो रूसी नौसैनिक अधिकारी भी थे। इनमें से प्रत्येक अधिकारी के पास ब्रीफकेस थे। न्यूक्लियर ब्रीफकेस पारंपरिक रूप से रूसी नौसैनिक अधिकारियों द्वारा ले जाया जाता है। ब्रीफकेस को चेगेट के नाम से जाना जाता है। इसका नाम काकेशस पर्वत में माउंट चेगेट के नाम पर रखा गया है।
रूसी न्यूज एजेंसी आरआईए के क्रेमलिन संवाददाताओं ने फुटेज को लेकर टेलीग्राम पर एक पोस्ट में कहा, "कुछ ऐसे सूटकेस हैं जिनके बिना पुतिन की कोई भी यात्रा पूरी नहीं होती है।" एक अन्य क्लिप में, पुतिन नौसेना अधिकारियों के साथ बीजिंग में एक बैठक से बाहर निकलते हैं, जिसे पुतिन से कुछ ही कदम की दूरी पर से फिल्माया गया है। बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति के पास भी ऐसी ही डिवाइस है, जिसे 'परमाणु फुटबॉल' कहा जाता है। इसमें में वे कोड होते हैं जिनका इस्तेमाल अमेरिकी राष्ट्रपति उस स्थिति में परमाणु मिसाइलों को अधिकृत करने के लिए कर सकते हैं जब वह व्हाइट हाउस में नहीं होते हैं।
यूक्रेन पर रूस के हमले के बाद रूस और अमेरिका के बीच तनाव बढ़ गया है। यहां तक कि चीन भी अपने परमाणु शस्त्रागार को मजबूत करने की कोशिश कर रहा है। अमेरिका-चीन संबंध भी तनावपूर्ण हैं। अमेरिका समेत ज्यादातर पश्चिमी देशों ने लंबे समय से रूस पर कई प्रकार के प्रतिबंध लगा रखे हैं। हालांकि, हाल के समय में रूस और चीन के संबंध और बेहतर होने की वजह से दुनियाभर के देशों को नई टेंशन है। मालूम हो कि भारत और रूस के रिश्ते भले ही अच्छे रहे हैं, लेकिन भारत और चीन के बीच संबंध काफी खराब हो गए हैं।
इजरायल-हमास युद्ध पर भी पुतिन पर निगाहें
इजरायल और हमास के बीच कई दिनों से जारी युद्ध के बीच दुनियाभर की नजरें पुतिन पर भी टिक गई हैं। पुतिन ने हाल ही में इस पर टिप्पणी करते हुए यह युद्ध जल्द खत्म करने की अपील की थी। इजरायल और फिलिस्तीन के साथ-साथ अरब देशों के साथ भी रूस के रिश्ते ठीक रहे हैं। इस वजह से कई देशों की निगाहें हैं कि आखिर पुतिन क्या स्टैंड लेते हैं। पुतिन ने कहा था कि इजरायल पर क्रूरता का अभूतपूर्व हमला हुआ है और उसे अपनी सुरक्षा का अधिकार है, लेकिन खून-खराबा बंद होना चाहिए। पुतिन ने आगाह किया था कि जमीनी हमले से सभी पक्षों के लिए गंभीर परिणाम होंगे। पुतिन ने कहा, "रूस सभी रचनात्मक विचारधारा वाले साझेदारों के साथ कॉर्डिनेट करने के लिए तैयार है।"
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